मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना पर मंत्रणा हो चुकी है। इस योजना के लागू होने के बाद लोग पीजीआई चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल के सूचीबद्ध अस्पतालों में अपना इलाज करवा पाएंगे।
हिमाचल में पहले से ही तीन तरह की स्वास्थ्य देखभाल या स्वास्थ्य बीमा योजनाएं चल रही हैं। बीपीएल परिवारों, मनरेगा कामगारों आदि के लिए पहले से ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) चल रही है। अब इस योजना के तहत कवर लोग आयुष्मान भारत योजना में लिए गए हैं। इसमें पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर है।
एक अन्य मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य देखभाल योजना भी चल रही है। इसमें आंगनबाड़ी वर्करों, मिड-डे मील वर्करों आदि उन तमाम छूटी श्रेणियों को लिया गया है, जिनका आर्थिक स्तर ठीक नहीं है। इनसे साल में 30 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष प्रीमियम लिया जा रहा है। इन्हें न्यूनतम 30 हजार रुपये से लेकर पौने दो लाख रुपये का बीमा कवर दिया जा रहा है।