गौरतलब है कि निजी बस ऑपरेटर किराया बढ़ाने को लेकर दो दिन की हड़ताल पर चले गए थे। जयराम सरकार ने इन ऑपरेटरों के आगे घुटने टेककर हड़ताल वापस लेने की बात की। बीते सोमवार को मंत्रिमंडल ने भारी भरकम किराया बढ़ोतरी कर जनता पर वित्तीय बोझ डाला है।
न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी किए जाने की सबसे ज्यादा मार शहरवासियों पर पड़ेगी। अगर वे एक-आधा किलोमीटर तक का भी सफर करते हैं तो उन्हें 6 रुपये चुकाने पड़ेंगे। पहले सवारियों से 3 रुपये तक की वसूली होती थी।