शातिर ने शहर के एक कारोबारी समेत नौ लोगों को ठगा, पुलिस ने शुरू की जांच
क्रॉसर
सिक्योरिटी के रूप में लोगों से ऐंठता रहा पैसे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में कारोबारी समेत नौ लोगों से लाखों रुपये की ठगी का मामला पेश आया है। चीफ इंजीनियर बनकर एक व्यक्ति ने इन लोगों को ठेकेदारी का प्रलोभन देने के साथ उनके बच्चों को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर 57 लाख 61 हजार रुपये ठगे हैं। इसमें शहर में फर्नीचर का कारोबार करने वाला एक व्यक्ति भी शामिल है। शिकायत पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक शातिर ने इन लोगों को सिक्योरिटी और प्रोसेसिंग फीस का हवाला देकर ठगी का शिकार बनाया है। आरोपी राकेश ठाकुर मध्यप्रदेश का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक शिकायत में जगदीश प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार में बतौर चीफ इंजीनियर बनकर एक व्यक्ति ने उसे फोन किया। आरोपी ने उसे झांसा दिया कि वह ठेकेदारी का काम दिलाएंगे। इसके साथ उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने की भी पेशकश की। कहा कि इसके लिए पैसे खर्च करने होंगे। इस पर व्यक्ति मान गया। इसके बाद शातिर ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिये कई बार पीड़ित से पैसे लिए। नौकरी के बारे पूछना शुरू किया तो आरोपी बहानेबाजी करने लगा। आरोपी जब लगातार पैसे की मांग करने लगा तो कुछ शक हुआ। इसके बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। इस तरह शातिर ने कारोबारी के चार रिश्तेदारों समेत नौ लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने बताया कि छोटा शिमला क्षेत्र मेें धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। जांच टीम ने मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह लोग हुए ठगी का शिकार
जगदीश प्रसाद से 5 लाख 17 हजार, महेंद्र सिंह से 9 लाख, कृष्ण कुमार, मनोज, काशी, बलवान, अनुराग और संदीप से 7-7 लाख, संजय रावत 1 लाख 44 हजार से ठगी हुई है।