सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने भाजपा पर निशाना साधा। प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन को लेकर धूमल के आरोप पर मंत्रियों ने कहा कि पूर्व सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजरा।
कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का यह कहना गलत है कि वर्तमान सरकार ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं किया है। सरकार ने पार्टी के चुनाव घोषणापत्र को नीतिगत दस्तावेज के रूप में अपनाया है। इसके कार्यान्वयन एवं नियमित समीक्षा को कैबिनेट उपसमिति का गठन किया गया है।
धूमल को आरोप लगाने से पहले यह स्मरण रखना चाहिए कि चुनाव घोषणापत्र किसी भी सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए होता है। सरकार चरणबद्ध तरीके से इस पर कार्य कर रही है। मंत्रियों ने कहा कि सरकार ने अपने अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। पूर्व भाजपा सरकार 13वें वित्त आयोग के समक्ष अपना मामला समुचित तरीके से नहीं रख पाई।
इस कारण आयोग ने प्रदेश की देनदारियों को सकल तौर पर कम आंका। कोई भी सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए ऋण लेती है। अगर सरकार ने ऋण लिए हैं तो इससे साबित होता है कि सरकार प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है।