फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतांग में भारी हिमस्खलन, चार जवान दबे, एक की हालत गंभीर

Sun, 17 Apr 2016 06:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उदयपुर(लाहौल स्पीति)
विज्ञापन
घटना में बीआरओ के एक जवान की हालत नाजुक है। जबकि अन्य तीन सामान्य बताए जा रहे हैं। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
मनाली लेह मार्ग पर शनिवार दोपहर को रोहतांग के एलपीएस मोड़ पर हिमस्खलन होने से बीआरओ के चार जवान दब गए। इन्हें बीआरओ की रेस्कयू टीम ने बाहर निकाला। घटना में बीआरओ के एक जवान की हालत नाजुक है। जबकि अन्य तीन सामान्य बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन


सभी का केलांग क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार चल रहा है। हिमखंड गिरने से बंद हुए मनाली लेह मार्ग को करीब डेढ़ घंटे बंद के बाद यातायात के लिए खोला गया। जानकारी के अनुसार कोकसर से मनाली की तरफ को 14 किलोमीटर दूरी पर एमपीएस मोड़ पर शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बर्फ हटा रहे चार जवान हिमखंड की चपेट में आ गए।

एकाएक गिरे हिमखंड से काम में जुटे जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 15 मिनट के रेस्कयू ऑपरेशन के बाद सभी जवानों के सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिन्हें केलांग अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया। जहां एक जवान की हालत नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बर्फ हटाते वक्त हुआ हादसा

56 वषीय राजवंशी बर्फ की ठंड से कारण हाइपोथर्मिया का शिकार हुआ है। - फोटो : फाइल फोटो
हिमखंड की चपेट में आने वाले घायल जवानों की पहचान मुरारी प्रसाद 37 वर्ष निवासी बिहार, विजय पांडे उम्र 26 निवासी उतर प्रदेश, राकेश रंजन उम्र 26 निवासी बिहार को कम चोटें आई। जबकि राजवंशी 56 वर्ष निवासी असम गंभीर रूप से घायल हो गया। राजवंशी चार फीट बर्फ में 15 मिनट तक दबा रहा।

अन्य तीन जवान एक से दो फीट बर्फ में दबे रहे। जवानों को कोकसर बचाव और रोहतांग टनल की रेस्क्यू टीम ने निकाला। इधर, कोकसर रेस्क्यू टीम के प्रभारी लुदर सिंह ने बताया कि हिमखंड गिरने वाली जगह पर पहले से ही बर्फ गिरी थी। जिसे उक्त जवान हटा रहे थे। इसी बीच अचानक हिमखंड की चपेट में जवान आकर दब गए।

वहीं, एसडीएम केलांग सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि हिमखंड गिरने की सूचना मिली है। बीआरओ के साथ प्रशासन संपर्क में हैं। इधर, सीएमओ केलांग डॉ नरेश चंद ने बताया कि तीन जवानों की हालत ठीक है। जबकि 56 वषीय राजवंशी बर्फ की ठंड से कारण हाइपोथर्मिया का शिकार हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कुल्लू रैफर किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें