सराज में सीएम ने किए शिलान्यास-उद्घाटन।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को उत्तर भारत के पहले एकीकृत आयुष पद्धति के अस्पताल का शिलान्यास किया। इस अस्पताल में क्षार सूत्र, सर्जरी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा का फायदा हिमाचल के लोगों को ही नहीं बल्कि देश-विदेश के सैलानियों को भी होगा। लोग यहां टहल सकेंगे। साफ आबोहवा से स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों की जानकारी भी ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र की तहसील थुनाग में 25.48 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और 33.78 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं के शिलान्यास किए। उन्होंने जंजैहली के ढीम में 30.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 50 बिस्तरों की क्षमता के एकीकृत आयुष अस्पताल की आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि यह उत्तर भारत का पहला एकीकृत आयुष पद्धति का अस्पताल होगा। भविष्य में इस अस्पताल में आयुष पद्धति (प्राकृतिक चिकित्सा) से इलाज होगा। पहले इस इलाज के लिए लोगों को केरल, बंगलूरू जाना पड़ता था। देश के विभिन्न राज्यों के लोग भी इस प्राकृतिक स्थल में चिकित्सा सुविधाओं के लिए आकर्षित होंगे, जिससे घाटी में पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी। आयुर्वेदिक विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश नरयाल ने दावा किया है कि उत्तर भारत का यह पहला एकीकृत आयुष पद्धति का अस्पताल होगा। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक की गोद में बसे थुनाग में आयुष विभाग की हर विधा से इलाज किया जाएगा।
सीएम ने डाली नाटी
ढीम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सराजी नाटी के दौरान जब सीएम जयराम ठाकुर से कलाकारों ने मंच पर साथ देने की गुजारिश की तो वह खुद को रोक नहीं पाए। मंच पर ढोल नगाड़ों की थाप पर अन्य कलाकरों से कदम से कदम मिलाकर सीएम ने खूब नाटी डाली। वहां यह भी चर्चा शुरू हो गई कि विपक्ष को सराजी नाटी के नाम पर तंज कसने का मौका फिर मिल जाएगा। बता दें कि नाटी को लेकर विपक्ष हमेशा सीएम पर कटाक्ष करता रहता है। कांग्रेस के कुछ नेता यह भी कहते हैं कि चार साल नाटी डालने के सिवा सरकार ने किया क्या है।