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Video: पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर बोले- वीरभद्र मॉडल अधिक प्रभावी, अब तीन-तीन महीने लटक रहीं फाइलें

Wed, 08 Apr 2026 04:11 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।

सार

पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में अपनी ही सरकार के दौरान काम नहीं हो रहे हैं, इससे कार्यकर्ताओं और आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। 
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पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में अपनी ही सरकार के दौरान काम नहीं हो रहे हैं, इससे कार्यकर्ताओं और आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पूर्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मॉडल अधिक प्रभावी था। वीरभद्र सिंह के समय फाइल पर अप्रूव लिखते ही आदेश तुरंत लागू हो जाते थे। जबकि, अब मुख्यमंत्री के अप्रूव के बाद भी फाइलें तीन-तीन माह तक लंबित रहती हैं। जबकि बीच भाजपाई हाथों हाथ ऑर्डर ले आते हैं।जिला मुख्यालय के साथ लगते बिजणी में कार्यक्रम के दौरान कौल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर काम अटक रहे हैं और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बावजूद निर्णय लागू नहीं हो पा रहे।

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उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि द्रंग क्षेत्र के स्कूलों के लिए भेजे गए प्राचार्यों के नामों में भी बदलाव कर दिए गए, इससे स्थानीय जरूरतों की अनदेखी हुई। बांधी के बजाए एक प्राचार्य को काजा के किब्बर भेज दिया गया। क्षेत्र के कई स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी है और पदोन्नत शिक्षकों को बाहर भेज दिया गया है। लोग समस्याएं लेकर जब उनके पास आते हैं, तो उन्हें केवल पत्र लिखने तक सीमित रहना पड़ता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है।
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