पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी विद्यासागर का 84 साल की उम्र में गुरुवार रात निधन हो गया। पूर्व मंत्री पिछले कुछ समय से बीमार थे। बीती रात को उन्होंने अपने घर जमानाबाद में अंतिम सांस ली।
विद्यासागर की पहचान अन्य पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता के रूप में थी। विद्यासागर चार बार कांगड़ा से विधायक रहे। वह शांता कुमार के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार और बाद में प्रेम कुमार धूमल की सरकार में मंत्री रहे।
उन्होंने पहला चुनाव 1982 में कांगड़ा विस क्षेत्र से लड़ा और जीते। उसके बाद 1985 और 1990 में भी जीतकर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 1993 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 1998 में वह दोबारा कांगड़ा से चुनकर विस पहुंचे और धूमल सरकार में मंत्री रहे।
बीच में उन्होंने धूमल से तकरार के चलते बीजेपी छोड़ दी थी। हालांकि कुछ समय बाद वह पार्टी में लौट आए थे। विद्यासागर का अंतिम संस्कार इच्छी स्थित स्वर्ग धाम में किया गया। भाजपा में उनके निधन से गहरा दुख है।
पूर्व विधायक एवं जिला भाजपा अध्यक्ष संजय चौधरी, मंडल भाजपा अध्यक्ष रमेश बराड सहित कई भाजपा नेता उनके संस्कार में शरीक हुए। विधायक पवन काजल, पूर्व मंत्री जीएस बाली ने चौधरी विद्यासागर के निधन पर गहरा शोक जताया है।