पूर्व विधायक चमनलाल गाचली (फाइल फोटो)
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कसौली के पूर्व विधायक चमनलाल गाचली का रविवार सुबह निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे। चमनलाल गाचली ने क्लर्क से लेकर विधानसभा तक सफर तय किया और लोगों की समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाया। कसौली के विकास के लिए चमनलाल गाचली को भी जाना जाता है। विधायक के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र में सड़क, स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलवाए।
मुख्य संसदीय सचिव और एससीएसटी निगम के चेयरमैन भी रहे। बीते कई दिनों से चमनलाल गाचली औद्योगिक क्षेत्र परवाणू स्थित आवास में ही थे। 13 फरवरी को सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। चमनलाल गाचली 76 वर्षीय के थे। वह अपने समय में तेजतर्रार नेता रहे। उनके निधन से कसौली निर्वाचन क्षेत्र समेत राजनीतिक क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। वकालत से लेकर सियासी पिच पर अपने दमदार दाव पेंच के लिए वह जाने जाते थे।
बतौर विधायक कसौली का नेतृत्व करने का एक ही बार मौका मिला। अपने उस कार्यकाल में उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र के मूलभूत मुद्दों को लेकर विधानसभा व सरकार के समक्ष आवाज बुलंद की थी। उस दौरान वह मुख्य संसदीय सचिव भी रहे। वह एजी ऑफिस शिमला में क्लर्क पद पर तैनात थे। गौर रहे कि 1977 से 1982 तक वह जनता पार्टी से विधायक रहे। दो वर्ष बाद सरकार गिरने के बाद वह कांग्रेस में सीपीएस भी रहे।
हिमाचल विकास कांग्रेस के महासचिव भी रहे। प्रो. प्रेम कुमार धूमल की भाजपा सरकार में एससीएसटी निगम के चेयरमैन भी रहे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने अपनी दवा खाई और जब साढ़े सात बजे चाय पीने के लिए उठाया तो उठे नहीं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कसौली के पूर्व विधायक चमन लाल गाचली के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
जयराम ने पूर्व विधायक चमन लाल गाचली के निधन पर दुख जताया
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 1977 से 1982 तक जिला सोलन के कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे चमन लाल गाचली के निधन पर शोक व्यक्त किया है। चमन लाल गाचली ने रविवार सुबह परवाणू स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की प्रार्थना की है।