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पूर्व डीजीपी, पत्नी और बेटे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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हिमाचल प्रदेश के पूर्व डीजीपी डॉ. डीएस मिन्हास, उनकी पत्नी अंजू मिन्हास और बेटे अमिल मिन्हास के खिलाफ नर्सिंग कॉलेज मामले में शिमला पुलिस ने वीरवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। अमिल ऊना के लोअर बसाल स्थित एलबेट एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमैन हैं। डीएस मिन्हास और उनकी पत्नी इसमें ट्रस्टी हैं।
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फर्जीवाड़े के आरोप में प्रदेश विश्वविद्यालय के कुल सचिव की ओर से शिमला पुलिस को 19 अक्तूबर 2015 को लिखित में शिकायत दी गई थी। संस्थान पर पिछले दो सत्र से एनसीआई से मान्यता रिन्यू करवाए बिना और इंडियन नर्सिंग काउंसिल के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दो बैच बैठाने के संगीन आरोप लगे।

शिकायत के मुताबिक संस्थान को सिर्फ शैक्षणिक अक्तूबर 2012 में एक सत्र के लिए मान्यता दी गई थी। इसके बाद संस्थान ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के लिए नया बैच बैठाने को नर्सिंग काउंसिल से नया बैच बैठाने को अनुमति नहीं दी। ट्रस्ट के चेयरमैन और कालेज प्रिंसिपल को विश्वविद्यालय कुल सचिव ने 9 अक्तूबर 2015 को कारण बताओ नोटिस जारी कर 17 अक्तूबर तक जवाब मांगा।
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इस पर कोई जवाब विश्वविद्यालय को नहीं मिला। आरोप है कि इसके बाद ही विश्वविद्यालय ने उक्त ट्रस्ट और प्रिंसिपल के खिलाफ फर्जी इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अनुमति पत्र को दिखाकर विश्वविद्यालय और काउंसलिंग कमेटी को गुमराह किया और इन दो सत्रों में बैच बैठा दिए। शिकायत पर थाना बालूगंज में मुकदमा कायम किया गया और इस मामले की तफ्तीश के लिए एसआईटी का गठन किया गया।
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संस्थान ऐसे आया संदेह के घेरे में

संस्थान की मान्यता और नया बैच बैठाने के इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मांगी गई जानकारी एचपीयू को 28 सितंबर 2015 को मिले जवाब में काउंसिल ने साफ किया था कि काउंसिल ने इस संस्थान को नया बैच बैठाने को कोई अनुमति नहीं दी है। बीएससी नर्सिंग संस्थान का 7 और 8 जून 2012 को निरीक्षण हुआ लेकिन 5 जुलाई 2012 के सत्र में बैच बैठाने को अनुमति नहीं मिली।

8 और 9 अक्तूबर 2012 को निरीक्षण हुआ जिस पर इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने 30 अक्तूबर 2012 के अकादमिक सत्र का बैच बैठाने की अनुमति दी। 16 व 17 सितंबर 2014 को निरीक्षण हुआ लेकिन 28 अक्तूबर के सत्र में बैच बैठाने की अनुमति नहीं दी गई। 13 व 14 जुलाई को काउंसिल ने निरीक्षण किया और संस्थान को 13 अगस्त 2015 को इसे बैच चलाने को गलत पाया।

वहीं एसआईटी ने जांच में पाया कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने संस्थान के रिन्यूअल स्टेट्स में साफ शब्दों में लिखा है कि 2013-14 और 2014-15 में कोई रिन्यूअल नहीं हुई है। एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है। इस मामले के आरोपी अमिल मिन्हास के अलावा डॉ. डीएस मिन्हास और उनकी पत्नी अंजू मिन्हास के खिलाफ चार्जशीट वीरवार को अदालत में दाखिल की गई है।
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