पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान ही केंद्र सरकार ने 13 वें वित्त आयोग को लागू किया था। सांसद निधि को भी केंद्र की भाजपा सरकार ने ही लागू किया। लेकिन, हिमाचल की वीरभद्र सरकार ने पंचायत प्रतिनधियों की शक्तियां छीनने का कार्य शुरू कर दिया है।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धूमल ने प्रदेश के सभी पंचायतों के प्रतिनिधियों को आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। ताकि 13 वें वित्त आयोग की शक्तियों को पुन: बहाल किया जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री स्वारघाट में नयनादेवी भाजपा द्वारा स्वारघाट में नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
धूमल ने वीरभद्र सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार घोषणाओं की सरकार बन चुकी है। सरकार शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने में भी नाकाम साबित हुई है। केंद्र की भाजपा सरकार से करोड़ों की धनराशि प्रदेश को मिल रही है, लेकिन
राज्य सरकार केंद्र से मिले पैसे को खर्च करने में नाकाम साबित हो रही हो। इस अवसर पर स्थानीय विधायक रणधीर शर्मा ने चुनाव में विजय हुए पंचायत प्रतिनिधियों से आहवान यिका कि वह अपने कर्तव्य का सही ढंग से पालन करें।