पिछले साल करसोग की सेरी कतांडा बीट में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश पेड़ से उल्टी लटकी मिली थी। पुलिस ने पहले हत्या का मामला दर्ज किया, मगर बाद में उसे आत्महत्या की धाराओं में बदल दिया था। मामले के प्रमुखता से उजागर होने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी थी, लेकिन लोग सीआईडी की जांच से भी असंतुष्ट रहे।
बाद में हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश किए। मामला सीबीआई की शिमला शाखा में दर्ज किया गया। लंबी जांच के बावजूद हत्यारा मानकर सीबीआई न तो किसी को गिरफ्तार कर पाई है और न ही अज्ञात हत्यारों के खिलाफ कोई सुबूत ही मिल पाए। सीबीआई ने अभी तक इसे पुलिस की तरह आत्महत्या भी करार नहीं दिया है।