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Shimla News: वन विभाग ने रोकी महासू जाने वाली टैक्सियां, हंगामा

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पंजीकरण नहीं करवाने पर टैक्सी चालकों पर शिकंजा
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वन विभाग ने दिए थे पंजीकरण के निर्देश
अभी तक एक भी टैक्सी चालकी ने कराया पंजीकरण

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के कुफरी पर्यटक स्थल पर मंगलवार सुबह वन विभाग ने महासू पीक के लिए जा रही टैक्सियों को रोक दिया। इस पर यहां हंगामा हो गया।
काफी देर तक इस पर विवाद चलता रहा। वन विभाग का कहना है कि महासू पीक तक टैक्सी चलाने के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

विभाग ने इसके लिए चालकों को पंजीकरण करवाने को कहा था लेकिन एक भी चालक ने ऐसा नहीं किया। इसलिए अब गाड़ियां रोकी जा रही हैं। इस पर नाराज टैक्सी चालकों ने हंगामा करर दिया। टैक्सी चालकों ने कहा कि विभाग की मनमानी नहीं चलेगी। टैक्सी चालकों और वन विभाग के अधिकारियों बीच बहसबाजी भी हुई जिसके चलते पर्यटक भी परेशान रहे।
वन विभाग ने महासू मार्ग पर टैक्सी संचालन को नियंत्रित करने के लिए सभी चालकों को पहले ही निर्देश दिए थे कि वह अपने वाहनों को निर्धारित रूट पर रजिस्टर करवाएं ताकि सिर्फ स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों को ही संचालन का अधिकार मिले। विभाग का तर्क है कि एनजीटी के निर्देश के तहत पर्यटन स्थल पर भीड़ और प्रदूषण को कम करने के लिए यह कदम जरूरी है लेकिन 9 दिसंबर तक कोई भी टैक्सी चालक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया। इसेके चलते मंगलवार को विभाग ने बिना पंजीकरण वाली टैक्सियों की एंट्री बंद कर दी। इसके बाद टैक्सी यूनियन ने आरोप लगाया कि विभाग स्थानीय लोगों की आजीविका छीन रहा है।
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चालकों का कहना था कि महासू क्षेत्र में टैक्सी संचालन ही कई परिवारों की जीविका का सहारा है और अचानक एंट्री रोकने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। कुछ चालकों ने आरोप लगाया कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट हर आने वाले पर्यटक से 50 रुपये वसूल रहा है। दिनभर चली बहसबाजी के बाद स्थिति सामान्य हुई लेकिन स्थानीय टैक्सी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो वह आंदोलन कर सकते हैं।
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45 दिन में निकालेंगे विवाद का समाधान
डीएफओ रामपुर मनीष रामपाल ने स्थिति पर स्पष्ट किया कि पंजीकरण की तारीख 45 दिन और बढ़ा दी है। सभी टैक्सी ऑपरेटरों से अनुरोध है कि वह समय पर अपने वाहन पंजीकृत करवा लें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की समस्या न आए। विभाग का कहना है कि क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए संचालन को व्यवस्थित करना आवश्यक है।
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