विदेश मंत्रालय को यह जानकारी ही नहीं है कि नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश का रेजिडेंट कमिश्नर कौन है।
- फोटो : Demo pic
भारत के विदेश मंत्रालय को यह जानकारी ही नहीं है कि नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश का रेजिडेंट कमिश्नर कौन है। इस बात का खुलासा रूसी राजदूत के हिमाचल प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए विदेश मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को भेजे गए पत्र से हुआ है।
पत्र में विदेश मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ने पांच साल पहले रिटायर हो चुकी आईएएस अधिकारी को रेजिडेंट कमिश्नर बताते हुए उनके नाम से पत्र भेज दिया। यह तब हुआ है, जब हिमाचल के रेजिडेंट कमिश्नर दिल्ली में होने वाली ज्यादातर मीटिंगों में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
विदेश मंत्रालय की इस चूक से उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत में रूस के राजदूत एलेग्जेंडर एम कदाकिन को 30 अप्रैल से 7 मई तक हिमाचल के नग्गर आना था। इस दौरान उन्हें कुल्लू-मनाली हाईवे पर स्थित होटल कैसल और स्पैन रिजॉर्ट में रुकना था।
रूसी राजदूत के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने को विदेश मंत्रालय की अंडर सेक्रेटरी (यूरेशिया) विशाखा यदुवंशी ने प्रदेश के मुख्य सचिव पी मित्रा को पत्र लिखा। इसमें होटल से लेकर रास्ते तक की सुरक्षा के लिए कहा गया।
लेकिन मंत्रालय की ओर से जो कॉपी मुख्य सचिव और आरसी हिमाचल प्रदेश को भेजी, उसमें वर्तमान आरसी एपी सिंह की बजाय दिल्ली में कई साल पहले आवासीय आयुक्त रही रेनू साहनी धर के नाम भेज दिया गया। खास बात यह है कि रेनू करीब पांच साल पहले रिटायर हो चुकी हैं। अब विदेश मंत्रालय की इस चूक पर आरसी कार्यालय ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है।