निजी क्षेत्र में जल्द ही प्रदेश की पहली फूड टेस्टिंग लैब शूलिनी विश्वविद्यालय में खुलेगी। मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग एंड टेक्नोलॉजी भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह बात शूलिनी विवि के कुलपति प्रो. पीके खोसला ने वीरवार को सोलन में पत्रकारों से बातचीत में कही। यहां फूड के सैंपल टेस्ट किए जाएंगे।
इससे पहले केवल कंडाघाट स्थित सरकारी लेब में यह सुविधा है। लगभग दो करोड़ की लागत से बनने वाली यह लैब पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड होगी। इसमें खाद्य उत्पादों के सैंपल के नतीजे भी जल्द मिल सकेंगे। विवि की ओर से चलाए जा रहे रिसर्च कार्यों के कारण विवि को डिपार्टमेंट आयु साइंस एंड टेक्नोलॉजी भारत सरकार ने 65 लाख की ग्रांट मंजूर की है।
यह राशि रिसर्च कार्यों में खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमबीए में 100 प्रतिशत छात्रों को नौकरी देकर शूलिनी विवि के प्लेसमेंट प्रोग्राम को देश के वशिष्ट प्राइवेट विश्वविद्यालयों में शामिल कर दिया है। इस मौके पर सरोज खोसला, सतीश आनंद, विशाल आनंद, डा निरज, प्रो महेंदरू, डा सुनील पूरी, प्रो जेएम जूलका, अरविंद नंदा और पूनम नंदा मौजूद रही।