हिमाचल प्रदेश के सस्ते राशन के डिपुओं से आटा खत्म करने की तैयारी है। अंत्योदय और बीपीएल को पहले से ही गेहूं दी जा रही है, अब प्रदेश के साढ़े 12 लाख एपीएल उपभोक्ताओं को भी आटे की जगह गेहूं दिया जा सकता है। उपभोक्ताओं को गेहूं मार्केट से बहुत ही कम दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने इसकी तैयारी कर ली है। वीरवार को खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
गेहूं देने के पीछे सरकार का तर्क है कि मिल मालिक पिसाई का रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार अभी ऐसा करने के पक्ष में नहीं है। केंद्र सरकार हिमाचल को गेहूं उपलब्ध कराती है, लेकिन एपीएल परिवारों को गेहूं पिसाकर आटा दिया जाता है। अब एपीएल को भी गेहूं देने की तैयारी है।