शिक्षा निदेशालय में महिला कर्मी के साथ भेदभाव की घटना के बाद विभिन्न टीचर यूनियनों के साथ ही कर्मचारी संघ में भी रोष है। कुल्लू के विभिन्न स्कूलों में तैनात एचजीटीयू (हिमाचल गवर्नमेंट टीचर यूनियन) के 5 सदस्यों ने संघ से इस्तीफा दे दिया है।
प्रवक्ता सोनम डोलमा, डीपीई शीला शर्मा, प्रवक्ता पुष्पा, प्रवक्ता सविता और टीजीटी संजीव कुमार ने हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।
जबकि कुल्लू जिला के 54 स्कलों मे तैनात जनजातीय इलाकों के टीचरों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ट्राइबल टीचर एसोसिएशन के संयोजक जय किशन और सचिव विनोद डोगरा ने कहा कि इस तरह की नस्लीय टिप्पणी ने तमाम आरक्षित वर्ग के लोगों की अस्मिता पर चोट की है।
उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित टीचर यूनियन के नेताओं के वजह से पूरे अध्यापक वर्ग की बदनामी हुई है। जिला कुल्लू के प्राइमरी टीचर संघ के अध्यक्ष बिहारी लाल परमार ने कहा कि प्रवक्ता संघ के नेता वीरेंद्र चौहान ने अगर महिला के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की है तो उनका संघ इसका कड़ा विरोध करता है।
वहीं, लाहौल-स्पीति कर्मचारी महासंघ ने भी घटना की निंदा की है। महासंघ के अध्यक्ष मेघ चंद प्रभु ने कहा कि महिलाओं के प्रति इस तरह की टिप्पणी पूरे समाज के हित में नहीं है। प्रभु ने कहा कि अगर सच में प्रवक्ता संघ के नेता ने इस तरह की टिप्पणी की है तो पूरा
महासंघ महिला कर्मी के साथ खड़ा है और हिमाचल सरकार से मांग करता है कि इसकी पूरी जांच हो। वहीं, डीसीसी लाहौल स्पीति ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। डीसीसी के महासचिव सुरेश कारदो ने कहा कि वे जल्द ही प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से इस मामले को लेकर मिलने शिमला जा रहे हैं।