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नहीं रहे प्रदेश के पहले परिवहन मंत्री

Sun, 18 May 2014 07:26 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के पहले लोक निर्माण एवं परिवहन मंत्री, स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं गांधीवादी नेता पंडित गौरी प्रसाद नहीं रहे। वे 96 वर्ष के थे। रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्होंने मंडी स्थित अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली।
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वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। मंडी रियासत के बल्ह क्षेत्र के नेरचौक में 18 अक्तूबर, 1920 को जन्में पं. गौरी प्रसाद 1950 में डा. परमार के मंत्रिमंडल में प्रदेश के पहले लोनिवि, स्वास्थ्य, सिंचाई एवं परिवहन मंत्री बने थे।

1935 में स्कूली शिक्षा बल्ह से पूरी करने के बाद आगे की शिक्षा के लिए लाहौर गए। 1935-1940 के कार्यकाल के दौरान लाहौर में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। 1940 में लाहौर के सनातन धर्म प्रेम गिरी आयुर्वेदिक कॉलेज से श्री वैद्य कविराज की परीक्षा पास की।
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राजीव गांधी ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था
1940-41 में मंडी रियासत की स्टेट काउंसिल के लिए बल्ह से जन प्रतिनिधि के रूप में चुने गए। 1942 से 1947 तक प्रजामंडल आंदोलन के मंडी जिलाध्यक्ष बने। उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए 15 अगस्त, 1988 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था।

1994 से 1998 तक प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे। 2 अप्रैल, 2000 को नगर परिषद मंडी ने उन्हें मांडव रतन अवार्ड से अलंकृत किया। 2013 में स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया था।
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