कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद यह पहला मौका है कि जब सरकार ने भारत वेस्टइडीज के मध्य होने वाले अंतर्राष्ट्रीय मैच को सहयोग करने का फैसला लिया है।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार धर्मशाला में भारत और वेस्टइंडीज के मध्य होने वाले वन-डे इंटरनेशनल के लिए एचपीसीए को हरसंभव सहायता देगी। एक दिवसीय मैच 17 अक्टूबर को होगा।
इस बारे में जिला प्रशासन को बैठक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में राज्य में खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर मामले का बेवजह राजनीतिकरण कर रहे हैं।
अनुराग कर रहे हैं आधारहीन बयानबाजी
मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया था कि सरकार धर्मशाला में होने वाले एक दिवसीय मैच को हरसंभव सहायता देगी। अनुराग ठाकुर की ओर से लगातार आधारहीन बयानबाजी की जा रही है। एचपीसीए को क्रिकेट मैच करवाने के लिए किसी भी प्रकार की सहायता को सरकार से मर्यादित तरीके से प्रस्ताव करना चाहिए।
सरकार का धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है, जैसा कि अनुराग ठाकुर आरोप लगा रहे हैं। सरकार की मंशा केवल यही है कि स्टेडियम का उपयोग क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के लिए हो, जिस उद्देश्य से उसे भूमि दी गई है न कि इसे व्यावसायिक गतिविधियों में बदला जाए।
एचपीसीए पर सरकार कर चुकी हैं बड़ी कार्रवाईयां
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे सांसद अनुराग ठाकुर एचपीसीए के अध्यक्ष हैं। एचपीसीए पर कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
अनुराग और एचपीसीए पदाधिकारियों पर एसोसिएशन को कंपनी में तब्दील करने से लेकर अवैध तरीके से सरकारी भवन को तोड़ने और अवैध पेड़ कटान का केस दर्ज हो चुका है। इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्रवाईयां भी की गई।
यहां तक की सरकार ने रातों रात अंतर्राष्ट्रीय धर्मशाला स्टेडियम सहित एचपीसीए के सभी मैदानों पर तालाबंदी कर दी गई थी। हालांकि प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के सरकार को अपनी कार्रवाई से पीछे हटना पड़ा।