गगरेट क्षेत्र के टटेहड़ा में आग लगने से प्रवासी मजदूरों की लगभग 12 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। अग्निकांड से प्रवासी मजदूरों का न केवल लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, बल्कि उनके लिए सर्दी के मौसम में सिर छुपाने की मुसीबत खड़ी हो गई है।
सोमवार देर शाम अचानक भड़की आग ने ऐसा विराट रूप धारण किया कि देखते ही देखते साथ लगती सभी झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं। हालांकि अंब से दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी।
स्थानीय लोगों एवं मजदूरों ने मिलकर आग को बुझाने की खासी मशक्कत की, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था। अग्निकांड के दौरान बड़ी मुश्किल से मजदूर कुछ सामान निकालने में कामयाब हुए। झुग्गियां जलने के बाद मजदूर राख में सामान ढूंढते रहे।
अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद गगरेट थाना इंचार्ज चैन सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे के कारण की जांच की। अभी आग लगने के कारण का खुलासा नहीं हो पाया है। तहसीलदार घनारी पे मौके पर पहुंच कर नुकसान का आकलन करेंगे।
जानकारी के अनुसार सुदामा देवी और उसकी दो बेटियों की तीन झुग्गियां थीं, वहीं किशन दास के पूरे परिवार की भी तीन झुग्गियां थीं। अग्निकांड में सुदामा देवी, किशन दास, राजेश साहनी, राजेश साहनी, सुधीर, वकील
साहनी, राम नारायण साहनी, दिलीप, राम प्रसाद, शिव नारायण, महेंद्र साहनी की झुग्गियां भी जलकर राख हो गई हैं। कुछ मजदूरों ने बताया कि उनके पैसे बर्तन और महिलाओं के गहने भी अग्नि की भेंट चढ़ गए। वहीं खाने पीने का जो सामान था, वह भी राख हो गया है।