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वित्तीय गड़बड़ी: 1000 का सैनिटाइजर 2400 और चार रुपये का मास्क 20 में खरीदा

Sat, 04 Dec 2021 10:54 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बड़सर (हमीरपुर)

सार

कोरोना काल में सरकार ने स्कूल को सुरक्षा उपकरणों और अन्य सामग्री की खरीद के लिए 44 लाख आवंटित किए थे। शिक्षक ने आरोप लगाया है कि एक साधारण मास्क जिसकी बाजार में कीमत 4 रुपये है, वह एक मास्क 20 रुपये में खरीदा गया। कुल 100 मास्क लिए गए। इनकी कीमत 2000 रुपये बिल पर अंकित है। 
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सैनिटाइजर(प्रतीकात्मक) - फोटो : iStock
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के बड़सर क्षेत्र के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोविड सुरक्षा उपकरणों की खरीद में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। एक हजार रुपये का सैनिटाइजर 2400 रुपये और चार रुपये का मास्क 20 रुपये में खरीद लिया गया। स्कूल के लिए कबड्डी मैट भी प्रिंट रेट से 63 हजार रुपये महंगा खरीदा गया। इसका प्रिंट रेट 1.40 लाख रुपये है, जबकि इसे 2.03 लाख रुपये में खरीदा गया। इसी स्कूल में तैनात एक शिक्षक में प्रधानाचार्य पर गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षक ने इसकी लिखित शिकायत  हिमाचल हाईकोर्ट, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा निदेशक और स्थानीय विधायक को भेजी है। कोरोना काल में सरकार ने स्कूल को सुरक्षा उपकरणों और अन्य सामग्री की खरीद के लिए 44 लाख आवंटित किए थे। 

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शिक्षक ने आरोप लगाया है कि एक साधारण मास्क जिसकी बाजार में कीमत 4 रुपये है, वह एक मास्क 20 रुपये में खरीदा गया। कुल 100 मास्क लिए गए। इनकी कीमत 2000 रुपये बिल पर अंकित है। इसी तरह 37109 रुपये के प्रिंट रेट का साउंड सिस्टम 43789 रुपये में खरीदा गया। एक कैसियो 28261 में खरीदा गया। इसकी कीमत 23495 अंकित है। 25 हजार का वाटर कूलर 35 हजार में खरीदा गया। इसमें एक लाख रुपये का शादी वाला बैंड लिया गया। ऑक्सीमीटर 2500 रुपये में खरीदा गया। इसकी बाजार में कीमत 1999 रुपये है। इलेक्ट्रिकल स्प्रेयर 4237 में खरीदा गया। इसका प्रिंट रेट हटा दिया गया है। 449 रुपये का बैडमिंटन रैकेट 1120 रुपये में खरीदा गया।

22400 के 20 रैकेट खरीदे गए। इथाइल अल्कोहल 2400 रुपये में खरीदा गया। इसकी बाजार में कीमत 1000 रुपये है। कई ऐसी वस्तुएं प्रिंट रेट से अधिक दाम पर खरीदी गई हैं। पौधों के लिए 50 हजार रुपये के स्टैंड 80 हजार से अधिक मूल्य पर लिए गए। अध्यापक ने बताया कि तथ्यों के साथ इसका विवरण उच्च अधिकारियों को दिया है। शिक्षा उपनिदेशक दिलबरजीत चंद्र ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। मामले की जांच की जा रही है। स्कूल प्रधानाचार्य ने कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले ही स्कूल में ज्वाइन किया है। मामले की जानकारी उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है।

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