फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुल्लू: पर्यटकों और स्थानीय लोगों में मारपीट, दो घायल

Tue, 22 Jun 2021 05:12 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बंजार (कुल्लू)

सार

एसपी गौरव सिंह ने कहा कि क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। मारपीट में दो लोगों को अधिक चोटें आई हैं। दोनों को बंजार में प्राथमिक उपचार के बाद कुल्लू अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। मामले की छानबीन चल रही है। 
विज्ञापन
मारपीट(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में हरियाणा के पर्यटकों व स्थानीय लोगों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। मारपीट के बाद क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। मारपीट में एक पर्यटक समेत दो लोगों को चोटें लगने के बाद दोनों को कुल्लू अस्पताल रेफर किया गया है।  बताया जा रहा है कि मामला 20 जून की रात का है। हरियाणा के छह पर्यटक तीर्थन नदी के किनारे बैठकर शराब पीने के बाद हुड़दंग मचा रहे थे।

विज्ञापन


इस बीच तीर्थन वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने ऐसा करने से उन्हें रोका। साथ ही जो कचरा उन्होंने नदी किनारे फैलाया था, उसे उचित स्थान पर ले जाकर कूड़ेदान में फेंकने के लिए कहा। इस बात से गुस्साए पर्यटकों ने अध्यक्ष वरुण भारती के साथ मारपीट की। यहां से भागने के बाद पर्यटकों ने एसोसिएशन के उपाध्यक्ष को भी पीटा। उपाध्यक्ष अमन नेगी की टांग में चोट आई है। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

बंजार में नए बस स्टैंड के पास पर्यटकों की स्थानीय लोगों ने जमकर धुनाई की। हालांकि, पुलिस ने बीच-बचाव करते हुए पर्यटकों को स्थानीय लोगों से छुड़वाया। पर्यटकों की ओर से स्थानीय लोगों के साथ की गई मारपीट की घटना से लोगों में भारी रोष है। उधर, पर्यटकों ने लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए। एसपी गौरव सिंह ने कहा कि क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। मारपीट में दो लोगों को अधिक चोटें आई हैं। दोनों को बंजार में प्राथमिक उपचार के बाद कुल्लू अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। मामले की छानबीन चल रही है। 
विज्ञापन


सैलानियों को भी समझनी होगी अपनी जिम्मेदारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सैलानी आएं, यहां उनका स्वागत है। पर उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्हें कचरा इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। तभी हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता बरकरार रहेगी। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें