इसका उद्देश्य विभाग के आईटी ढांचे को मजबूत करना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व कमलेश कुमार पंत की ओर से जारी अधिसूचना में स्पृष्ट किया गया है कि जमाबंदी प्रतियों से वसूले गए सेवा शुल्क का इस्तेमाल पटवारखाना, कानूनगो कार्यालय, तहसील कार्यालय और अन्य संबंधित राजस्व संस्थानों के आईटी ढांचे को सुदृढ़ करने में किया जाएगा। इससे जमीन रिकॉर्ड से संबंधित कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आएगी। जमाबंदी की प्रति भूमि की खरीद-फरोख्त, ऋण, उत्तराधिकार प्रमाणित करने सहित कानूनी दस्तावेजीकरण के लिए जरूरी होती है। अब तक जहां जमाबंदी की कॉपी के लिए 10 रुपये प्रति पृष्ठ चुकाने पड़ रहे थे अब 20 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
गांव तक डिजिटल सेवा पहुंचाने, भ्रष्टाचार रोकने के लिए सेवा
पटवारखानों और तहसील दफ्तरों के चक्कर काटने से राहत के लिए सरकार ने लोक मित्र केंद्रों पर जमाबंदी उपलब्ध करवाने की सुविधा शुरू की है। ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने और भ्रष्टाचार में कमी के इरादे से यह सुविधा दी गई है। रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से किसी तरह की छेड़छाड़ की भी गुंजाइश नहीं रहती।