अच्छी गुणवत्ता का सेब न आन से मंडियों में कारोबार हो रहा प्रभावित
विज्ञापन
कम दाम में अच्छा सेब लेने के लिए कश्मीर और पिंजौर जा रहे लदानी संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले की फल मंडियों में सेब की गुणवत्ता में गिरावट आने के साथ ही लदानियों का पलायन भी शुरू हो गया है। भट्ठाकुफर फल मंडी से छह लदानी अपना कारोबार समेट कर जा चुके हैं। इसका सीधा असर आने वाले दिनों में कारोबार पर पड़ेगा।
लदानी कारोबार के लिए कश्मीर और पिंजौर जा रहे हैं। लदानियों के पलायन का मुख्य कारण सेब की खराब गुणवत्ता बताई जा रही है। भारी बारिश के चलते अधिकतर बागवानों की फसल बगीचों में ही खराब हो गई थी। मंडी में भी बारिश से प्रभावित सेब पहुंच रहा है। इसके अलावा कश्मीर में सेब सीजन शुरू हो गया है जहां पर लदानियों को कम दाम में अच्छी गुणवत्ता वाला सेब मिल रहा है। अधिकतर लदानी कारोबार करने के लिए शिमला से कश्मीर का रुख कर रहे हैं। जिले के ऊपरी शिमला में सेब सीजन अभी जाेराें पर है। भट्ठाकुफर फल मंडी के आढ़तियों का कहना है कि मंडी में केवल 10 फीसदी सेब की फसल सही आ रही है। मंडी में सबसे अच्छे सेब की 20 किलो की पेटी 2200 से 2400 रुपये में बिक रही है। इसके अलावा अन्य सेब की पेटियां 500 से 1500 रुपये में बिक रही हैं। लदानियों के पलायन से स्थानीय बागवानों की चिंता बढ़ गई है। मंडियों में सेब कारोबार कम होने से दाम और ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इस वजह से उन्हें पूरे साल मेहनत करने का पूरा पैसा नहीं मिल पाएगा। पहले ही बारिश से फसल खराब हो गई है।
मांंग के अनुसार नहीं मिल रही फसल लदानियों को फल मंडियों में उनकी मांग के अनुसार सेब नहीं मिल रहा है। ऐसे में लदानियों ने दूसरी मंडियों का रुख करना शुरू कर दिया है। ज्यादातर आढ़ती पिंजौर और पराला में कारोबार करने के लिए जा रहे हैं। -प्रताप चौहान, प्रधान, भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन