निर्माण कार्य शुरू, दो साल से लटका पड़ा था स्मार्ट सिटी का यह प्रोजेक्ट
वन विभाग ने एफसीए के तहत निर्माण की दी अनुमति
7.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे प्रोजेक्ट पर
दोनों तरफ से आवाजाही कर सकेंगे लोग
डेढ़ मिनट में पहुंच जाएंगे जाखू मंदिर तक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के जाखू मंदिर में शहर का पहला एस्केेलेटर लगाने के प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। वन विभाग ने इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी है। एफसीए के तहत यह मंजूरी मिली है। मंजूरी मिलते ही रोपवे ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने मंगलवार से निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लगने वाला यह एस्केलेटर लोगों को जाखू मंदिर के गेट पर बने बाबा बालक नाथ मंदिर से मुख्य मंदिर परिसर में बनी हनुमान की प्रतिमा तक पहुंचाएगा। अभी लोगों को मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब डेढ़ सौ सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। अब लोग एस्केलेटर से महज डेढ़ से दो मिनट के भीतर गेट से मंदिर तक पहुंच जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर 7.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अक्तूबर तक इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इसका संचालन भी शुरू हो जाएगा। राजधानी के इस ऐतिहासिक मंदिर में हर रोज हजारों लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार और रविवार को मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगता है। शिमला आने वाले ज्यादातर सैलानी भी हनुमान की 108 फुट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए जाखू मंदिर जरूर जाते हैं। इन सभी को अब एस्केलेटर लगने से सुविधा मिलेगी। रोपवे कार्पोरेशन के महाप्रबंधक रोहित ठाकुर ने बताया कि वन विभाग से एफसीए की मंजूरी मिल गई है। मौके पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
कुछ ऐसा बनेगा शहर का पहला एस्केलेटर
यह एस्केलेटर मंदिर के गेट के समीप से हनुमान प्रतिमा तक बनेगा। इसकी कुल लंबाई करीब 30 से 35 मीटर रहेगी। एस्केलेटर में दोनों तरफ आवाजाही होगी। बीच में एक स्टॉपेज होगा। बाबा बालक नाथ मंदिर से लेकर मुख्य मंदिर तक दो चरणों में एस्केलेटर लगेगा। इस पर छत भी लगेगी ताकि हर मौसम आवाजाही हो। बंदर इसमें लोगों को परेशान न करे, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। प्रोजेक्ट के लिए तीन पेड़ कटने हैं।
यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट
यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। एक बार सीएम जब जाखू मंदिर आए थे तो मैंने ही इसकी मांग उठाई। सीएम ने इसे स्मार्ट सिटी में शामिल करवाया था। अब यह प्रोजेक्ट बनने से शहरवासियों के साथ सैलानियों को भी फायदा होगा।
-अर्चना धवन, पार्षद जाखू वार्ड
मिल चुकी है मंजूरी : डीएफओ
प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को एफसीए के तहत मंजूरी मिल गई है। इस बारे में संबंधित विभाग को जानकारी भी दे दी है। इसका निर्माण कार्य शुरू करवा सकते हैं।
-अनीता भारद्वाज, डीएफओ शिमला शहरी