राज्य आबकारी विभाग ने मंगलवार को छापा मारकर पांवटा की एक कंपनी के परिसर को सील कर दिया गया है। इस कंपनी के पास रिकॉर्ड में अल्कोहल की मात्रा कुछ और पाई गई है जबकि असल में यह कुछ और मिली है। आगामी कार्रवाई के लिए कंपनी को नोटिस दिया गया है। इस कंपनी ने कुछ नामी कंपनियों की फ्रेंचाइजी ली है और इनके अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर, साबुन जैसे उत्पादों को बनाती है। आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि इस कंपनी के पास एक इथाइल अल्कोहल और एक एब्सॉल्यूट अल्कोहल का स्टॉक था। इथाइल अल्कोहल रिकॉर्ड के हिसाब से 42 बल्क लीटर ज्यादा पाया गया है। एब्सॉल्यूट अल्कोहल रिकार्ड से 66 बल्क लीटर कम पाया गया है। कंपनी के पास एक और लाइसेंस है। इसके अनुसार यह कुछ बड़ी कंपनियों के अल्कोहल आधारित उत्पादों को तैयार करती है। इन कंपनियों के लिए रखे स्टॉक में भी अल्कोहल 82 बल्क लीटर कम पाया गया है।
अवैध शराब से जोड़ा जा रहा मामला, जांच जारी
कंपनी के परिसर पर छापामारी के बाद अब यह जांच हो रही है कि कहीं स्टॉक में कम पाया गया अल्कोहल अवैध शराब बनाने के लिए तो नहीं भेजा जा रहा था। विभाग की टीम इस बारे में जांच कर रही है। साक्ष्य मिलने पर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
पुलिस ने सतलुज में उतारे गोताखोर, नहीं मिलीं नकली शराब की पेटियां
वहीं, जहरीली शराब के मामले में जांच कर रही पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर नकली शराब की पेटियों को बरामद करने के लिए सर्च अभियान छेड़ा है। एसआईटी के मुताबिक आरोपियों ने कबूला है कि सबूत नष्ट करने के लिए उन्होंने मंडी के डैहर और बिलासपुर के बरमाना में सतलुज नदी में नकली शराब की पेटियों को फेंक दिया है। मंगलवार को पुलिस ने गोताखोरों को सतलुज में उतारा लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिली है। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि सतलुज में फेंकी गई नकली शराब को बरामद करने के लिए सर्च अभियान जारी रखा जाएगा।