पूर्व अर्धसैनिक कल्याण और समन्वय संघ
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भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पूर्व अर्धसैनिक बलों के साथ विश्वासघात किया है। तीनों राजनीतिक दल अर्ध सैनिक बलों की मांगों को पूरा करने की घोषणा का साहस नहीं दिखा पाए हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार की अनदेखी से आहत पूर्व अर्धसैनिक कल्याण संघ 14 अक्तूबर को विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी करेगा। संघ के अध्यक्ष वीके शर्मा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष नंद लाल नेहरटू ने बताया कि घुमारवीं में राज्य कमेटी की बैठक के बाद 10 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाएगी। इससे पहले 6 अक्तूबर को संघ 5 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर चुका है। संघ ने प्रदेश में 36 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है।
कहा कि अर्ध सैनिक बलों से जुड़े लोग अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। पूर्व अर्धसैनिक बलों से कैंटीन की सुविधा छीन ली गई है। बार-बार सरकार को मांग पत्र सौंपने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ने सदन में कहा कि कर्मचारियों को पेंशन चाहिए तो चुनाव लड़ें। सरकार के दिखाए रास्ते पर अब संघ ने यह फैसला लिया है कि अब विधानसभा चुनाव में उतरकर सरकार को जवाब दिया जाएगा। सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीके शर्मा ने कहा कि पैरामिलिट्री जवानों की पेंशन बंद कर दी गई है। कैंटीन में जीएसटी लगा दिया गया। अर्ध सैनिक बोर्ड गठित नहीं किया जा रहा। पिछले 70 वर्षों से पैरामिलिट्री जवान पहचान को तरस रहे हैं।