प्रदेश पूर्व सैनिक निगम में चेयरमैन एवं मुख्य प्रबंध निदेशक का पद डेढ़ साल से खाली चल रहा है। इस हॉट सीट के तलबगारों की एक लंबी फेहरिस्त है। प्रदेश सरकार इस पद पर अभी तक किसी भी पार्टी पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं कर पाई है। वीरभद्र सिंह सरकार में इस पद पर मेजर जनरल बिक्रम सिंह कंवर थे। लेकिन उनके आकस्मिक निधन के बाद सरकार ने इस पद पर कर्नल विधि चंद लगवाल की नियुक्ति की।
लेकिन उनकी नियुक्ति के कुछ माह बाद ही विधानसभा चुनाव हो गए। जिसमें कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद निगम में चेयरमैन और सीएमडी पद से कर्नल वीसी लगवाल ने दिसंबर 2017 में इस्तीफा दे दिया। तब से यह पद खाली चल रहा है। इस पद पर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी की ताजपोशी होती रही है।
वर्तमान में चेयरमैन और सीएमडी का अतिरिक्त कार्यभारी उपायुक्त हमीरपुर के पास है। पूर्व सैनिक निगम का मुख्यालय हमीरपुर में है। निगम के माध्यम से एससीसी सीमेंट कंपनी बरमाणा, अंबुजा दाड़लाघाट और अल्ट्रटेक सीमेंट कंपनी प्लांट बाघा में पूर्व सैनिकों के साढ़े तीन हजार ट्रक सेवाएं दे रहे हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व सैनिकों को पुन: रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए सीमेंट कंपनियों में ट्रक लगाने के अलावा विभिन्न विभागों व निजी कंपनियों में पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। निगम कार्यालय में प्रत्येक माह की 15 और 25 तारीख को पूर्व सैनिकों के साक्षात्कार लिए जाते हैं।
इस महत्वपूर्ण हॉट सीट के लिए भाजपा में कई तलबगार हैं। कई पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी इस पद को हासिल करने के लिए लॉबिंग में जुटे हैं। हमीरपुर से पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री को एचआरटीसी का वाइस चेयरमैन, अजय शर्मा को एपीएमसी का चेयरमैन, नवीन शर्मा को प्रदेश कौशल विकास निगम का संयोजक और वंदना शर्मा योगी को बाल अधिकारी संरक्षण आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस पूर्व सैनिक निगम में चेयरमैन के पद के लिए होने वाली नियुक्ति के लिए कइयों की निगाहें टिकी हैं।