अब पुलिस इन अफसरों से जल्द पूछताछ करेगी और थाने में हाजिर होने के लिए हुक्मनामा भेजेगी। पूछताछ से पहले प्रश्नावली तैयार की जाएगी। लिखित में इन्हें जवाब देने होंगे, ताकि भविष्य में वे अपनी बात से इंकार न कर सकें। पूछताछ के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग होगी।
उधर, शिमला पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है, लिहाजा कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। इतना जरूर कहा कि पूर्व डीजीपी के बयान ले लिए गए हैं और उन्होंने कई पूर्व और कई मौजूदा अफसरों को बयान में नामजद किया है।
आरोप है कि वीरभद्र सरकार के समय में रहे तत्कालीन मुख्य सचिव, गृह सचिव, सामान्य प्रशासन सचिव पर तत्कालीन एडीजीपी सीआईडी के साथ 24 दिसंबर, 2013 को उनके कार्यालय में बिना अनुमति के प्रवेश करने और कंप्यूटर दस्तावेजों, अन्य गोपनीय सूचनाओं को कब्जे में लिया है। पूर्व डीजीपी का आरोप है कि इसके लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।