नप के जेई अश्वनी कुमार ने एसडीएम से कहा कि कश्मीरी कांपलेक्स के नाम से बना शॉपिंग माल से होकर गुजरने वाला रास्ता किसी की निजी संपत्ति है। इस पर स्थानीय लोगों शंकर ठाकुर, विनय प्रसाद, अशोक शर्मा और विनोद पठानिया ने कहा कि कांपलेक्स में अगर सार्वजनिक रास्ता नहीं है तो नगर परिषद सालों से इस रास्ते को पक्का कर रही है। कांपलेक्स में आधा दर्जन से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हैं।
स्ट्रीट लाइटों पर खपत होने वाली बिजली का हर साल लाखों रुपये बिल नगर परिषद भर रही है। लोगों ने सवाल उठाए कि अगर संपत्ति निजी है तो नगर परिषद क्यों सालों से इस रास्ते के रखरखाव और लाइटों पर खर्च कर रही है। इसके साथ ही तीन मंजिला कांपलेक्स में तीन दर्जन से अधिक दुकानों के बिना रास्ते नक्शे कैसे पास हो गए। उन्होंने नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम शिल्पी बेक्टा ने कहा कि मंगलवार को कमेटी ने अतिक्रमण पर कार्रवाई की है। लेकिन, नप के जेई अश्वनी कुमार ने बाद में बताया कि संपत्ति निजी है। जिसके चलते अब नगर परिषद से जमीन और नक्शे से संबंधित कागजात मांगे गए हैं। पूरे मामले की जांच होगी। अगर जेई ने एसडीएम कार्यालय के अधिकारियों और पुलिस विभाग के समक्ष झूठी जानकारी दी होगी तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।