जान जोखिम में डाल खड्ड पार कर रहे लोग
- फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के पधर क्षेत्र में इलाका दूंधा के लोग बरसात के मौसम में जान को जोखिम में डालकर दंबेला खड्ड को पार कर रहे हैं। एक दशक का समय बीत जाने पर दंबेला पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कुफरी-बटाहर-दंबेला-पधर सड़क का निर्माण हुए काफी समय हो गया है। दंबेला खड्ड पर प्रदेश सरकार पुल का निर्माण नहीं कर पाई है। कुफरी और भड़वाहण पंचायत सहित नौहली क्षेत्र की हजारों की आबादी इस सड़क सुविधा पर निर्भर है जो सीधा उपमंडल मुख्यालय पधर को जोड़ती है। बरसात के मौसम में यहां के लोगों के लिए खड्ड को पार करने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लोगों ने उफनदी दंबेला खड्ड को पार करने के लिए दोनों छोर में रस्सी बांधी होती है।
रस्सी का सहारा लेकर लोग गले तक पानी में डूबकर खड्ड को आरपार कर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। लंबे समय से पुल की चली आ रही मांग के पूरा नहीं होने से जनता में भारी रोष है। स्कूली बच्चों को बरसात के मौसम में जान जोखिम में डालकर दंबेला खड्ड पार करनी पड़ती है। प्रशासन ने भी उनफती खड्ड को पार नहीं करने को लेकर कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है। पधर को जाने के लिए दंबेला होते हुए सबसे नजदीक रास्ता है। दूसरे रास्ते से लोगों को 35 किलोमीटर सफर तय कर कुन्नू होकर पधर जाना पड़ता है। कुफरी पंचायत के प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर, भड़वाहण पंचायत के प्रधान जितेंद्र कमांडो, पूर्व प्रधान दर्शन सिंह कटारिया ने कहा कि लोगों की पुल निर्माण की मांग लंबे समय से चली आ रही है। सड़क का निर्माण करने के बावजूद पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग नहीं कर पाया है।
क्षेत्र के लेगों ने पुल के शीघ्र निर्माण की मांग
प्रदेश की सरकार से दंबेला पुल के टेंडर हो गए हैं। विभाग ने टेंडर को मंजूरी के लिए भेजा है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, टेंडर अवार्ड कर दिया जाएगा। पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग लगभग दो करोड़ की राशि खर्च करेगा। -प्रदीप ठाकुर, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग।