मेडिकल स्टोर संचालक सरूप चंद ने बताया कि जहरीली शराब मामले को लेकर उन्हें सूचना दी गई कि पुलिस थाना सुंदरनगर में हाजिर होना है। वह दूसरे ही दिन थाने पहुंचे तो पता चला कि उनके मेडिकल स्टोर रंगस के जीएसटी नंबर पर इथाइल अल्कोहल मंगवाया जाता था, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
शराब बनाने में प्रयोग होने वाले इथाइल अल्कोहल को महाराष्ट्र की एक फर्म से दूसरे के जीएसटी नंबर के माध्यम से मंगवाया गया है। जहरीली शराब मामले को लेकर जांच मालिक तक पहुंची, तब पता चला कि मेडिकल स्टोर के बाहर लिखे जीएसटी नंबर के माध्यम से इथाइल अल्कोहल मंगवाया गया है।
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रंगस में मेडिकल स्टोर संचालक सरूप चंद ने बताया कि जहरीली शराब मामले को लेकर उन्हें सूचना दी गई कि पुलिस थाना सुंदरनगर में हाजिर होना है। वह दूसरे ही दिन थाने पहुंचे तो पता चला कि उनके मेडिकल स्टोर रंगस के जीएसटी नंबर पर इथाइल अल्कोहल मंगवाया जाता था, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
सरूप चंद ने पुलिस को इस पर अपना बयान दिया है और जीएसटी नंबर के दुरुपयोग होने की शिकायत भी दर्ज कराई है। इसके अलावा संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी के पास भी शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि पुलिस और आबकारी एवं कराधान विभाग इस मामले की गहनता से जांच करे। सरूप चंद के पिता पुन्नू राम ने भी सीएम हेल्पलाइन नंबर 1100 पर शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई है।