नियमों के दायरे में ग्राम स्वरोजगार सेवक भी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पंचायतों में प्रधान की मुहर के बिना सचिवों को वेतन नहीं दिया जाएगा। पंचायतीराज विभाग ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं।
यह निर्णय सचिवों के साथ-साथ तकनीकी सहायकों और ग्राम स्वरोजगार सेवकों पर भी लागू होगा। इन कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति को लेकर प्रधान से सत्यापित करवाना होगा। इसके बाद उन्हें वेतन जारी किया जाएगा। दूसरी ओर विभाग के इस निर्णय से सैकड़ों लोग खुश हैं। लोगों का कहना है कि पंचायत कार्यालय में कई कर्मचारी काम की जगह राजनीति में व्यस्त रहते हैं। यही वजह है कि विभाग का यह निर्णय लोगों की नजर पंचायतीराज विभाग की पारदर्शी व्यवस्था को लेकर भी अहम माना जा रहा है।
जिला शिमला में करीब 441 के करीब पंचायतें हैं। इन सभी पंचायतों में सचिव, तकनीकी सहायक और अन्य कर्मचारियों की तैनाती की है। पंचायत सचिव रोजमर्रा के कामकाज के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, सरकारी रिकॉर्ड, रजिस्टर, आय-व्यय, बजट का लेखा-जोखा, जन्म-मृत्यु, प्रमाण पत्र, कर और शुल्क संबंधी रिकॉर्ड बनाने का कार्य करते हैं।
खंड विकास अधिकारी अंकित कोटिया ने बताया कि पंचायत कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रधान से सत्यापन करवाना व्यवस्था का हिस्सा है। सभी पंचायतों को इसका नियमित और समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति का पारदर्शी रिकॉर्ड रहेगा, जवाबदेही बढ़ेगी और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी।