केंद्र सरकार की ओर से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें समय पर लागू करवाने के लिए राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी फेडरेशन रणनीति के तहत कार्य करेगा। 24 फरवरी को केंद्रीय और राज्य कर्मचारी धरनों, प्रदर्शनों और ज्ञापनों के माध्यम से केंद्र सरकार पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को तुरंत लागू करने के लिए दबाव बनाएंगे।
हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री एवं पंजाब और जम्मू कश्मीर के प्रभारी एनआर ठाकुर ने बताया कि गुजरात के गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी फेडरेशन की मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। इसमें देश के 17 राज्यों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र जैन ने की।
राष्ट्रीय स्तर पर महासंघ ने 22 सूत्रीय मांग पत्र पर विस्तृत चर्चा की तथा इसे लागू करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि जो राज्य सरकारें कर्मचारियों की मांगों को समय पर लागू नहीं करतीं, उनके खिलाफ भी राज्य कर्मचारी मोर्चा खोलें।
24 फरवरी को केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य के कर्मचारी भी हिमाचल सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन सालों से कांग्रेस सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं कर रही है।
एक भी मांग को अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया। यह हिमाचल के कर्मचारियों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन सालों में संयुक्त सलाहकार समिति की केवल एक ही बैठक हो पाई है और वह भी सौ फीसदी असफल रही।
यह भी कहा गया कि जिन राज्यों के त्रैवार्षिक सम्मेलन अभी तक आयोजित नहीं हो पाए हैं, वे सभी अप्रैल तक इन सम्मेलनों का आयोजन करें ताकि 21 व 22 मई को मध्य प्रदेश में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में सभी राज्यों के कर्मचारी प्रतिनिधियों को बिना किसी अड़चन के डेलीगेट बनाया जा सके।