हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मियों को संशोधित वेतनमान का एरियर अभी तक नहीं मिला है। एचआरटीसी के 11,000 कर्मियों को वित्तीय लाभ से अभी तक वंचित रखा गया है। पथ परिवहन निगम में 4600 चालक और 4400 परिचालक भी निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम करीब 1250 करोड़ से अधिक के वित्तीय घाटे के बोझ तले दबा है।
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निगम की माली हालत कमजोर होने के कारण कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान की पहली किस्त तक जारी नहीं हो सकी है। ये कर्मचारी पिछले एक साल से एरियर की किस्त जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा चालकों और परिचालकों को 36 माह का रात्रि भत्ता तक नहीं मिल पाया है। जबकि निगम प्रबंधन पर दबाव डाला जा रहा है कि यह भत्ता एकमुश्त जारी किया जाए। इसके लिए चालक और परिचालक कई बार सड़कों में भी उतर चुके हैं।
हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारी संघों के संयुक्त मंच के संयोजक खेमेंद्र गुप्ता कहते हैं कि निगम के 11000 कर्मचारियों को निगम प्रबंधन ने वित्तीय लाभों से वंचित रखा है। निगम प्रबंधन से बार-बार यह मामला उठाया जाता रहा है परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।