प्रदेश के 11.24 लाख राशन कार्ड ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक मोबाइल नंबर से लिंक नहीं किया जा सकता है। खास बात यह है कि यह तब है जब राशन कार्ड स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मोबाइल नंबर लिंक न होने की वजह से वितरण प्रणाली की पूर्ण रूप से निष्पक्ष निगरानी नहीं हो पा रही है।
अफसरों की हीलाहवाली के बीच अब निदेशक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ने सभी जिला नियंत्रकों और इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वह हर हाल में 31 जनवरी 2020 तक सभी 18 लाख 71 हजार 853 राशन कार्डों की मोबाइल सीडिंग कर दें।
इस मियाद तक अगर शत प्रतिशत मोबाइल लिंक नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि अगर सभी राशन कार्ड मोबाइल से लिंक हो जाएंगे तो कार्ड के नाम पर राशन का वितरण होते ही कार्ड धारक को एक मेसेज पहुंच जाएगा जिससे उसे पता होगा कि कितना राशन वह ले चुका है।