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मर्ज एरिया में मिलेंगे सस्ते बिजली-पानी के कनेक्शन

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भवन नियमितीकरण का मामला भी दोबारा सरकार के समक्ष उठाएगा निगम
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भवन नियमित न होने से महंगे हैं व्यावसायिक कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चुनावी साल में भाजपा शासित नगर निगम ने शहर के मर्ज एरिया के हजारों लोगों को भी बड़ी राहत देने की घोषणा की है। महापौर सत्या कौंडल ने अपने बजट में मर्ज एरिया के लोगों को बिजली और पानी के सस्ते कनेक्शन मुहैया करवाने की घोषणा की।
साथ ही मर्ज एरिया में भवन नियमितीकरण का मामला सरकार के समक्ष उठाने का भी ऐलान कर दिया।
उन्होंने कहा कि मर्ज एरिया के लोगों की परेशानी को दूर किया जाएगा। हालांकि, भवन नियमित करने और सस्ते कनेक्शन देने की घोषणा को कैसे पूरा किया जाएगा, इसका बजट में ज्यादा जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन बजट के बाद महापौर सत्या कौंडल ने कहा कि मर्ज एरिया में हजारों भवन अवैध हैं। इस बारे में शहरी विकास मंत्री और सरकार के समक्ष बात की जाएगी। रिटेंशन पॉलिसी समेत बाकी विकल्पों से इन लोगों को राहत देने का प्रयास रहेगा। यदि भवन नियमित नहीं भी होते हैं, तो कम से कम बिजली और पानी के कनेक्शन सस्ते करवाने का फैसला लिया जाएगा। शहर के टुटू, मज्याठ, कच्चीघाटी, ढली, मशोबरा, पंथाघाटी, न्यू शिमला समेत कई वार्डों के लोग मर्ज एरिया में शामिल हैं। पहले ये पंचायती क्षेत्र थे, बाद में इन्हें नगर निगम में शामिल किया गया। पंचायती इलाकों में रहने के कारण इनमें बने ज्यादातर भवन बिना नक्शे के बने हैं। नगर निगम में शामिल होने पर इन्हें अवैध माना गया है। इन्हें बिजली और पानी के व्यावसायिक कनेक्शन मिलते हैं। शहर के टुटू और मज्याठ वार्ड में आवेदन करने वाले लोगों को अभी भी महंगे कनेक्शन मिल रहे हैं।
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घरेलू इस्तेमाल का पानी, बिजली करेंगे सस्ता
इन इलाकों के लोग सालों से भवन नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि इन्हें सस्ते बिजली और पानी के कनेक्शन मिल सके। नगर निगम महापौर सत्या कौंडल ने कहा कि जो भवन बन चुके हैं, यदि उनमें बिजली और पानी की खपत घरेलू कामों के लिए हो रही है, तो उन्हें सस्ते घरेलू कनेक्शन दिए जा सकते हैं। इस बारे में पेयजल कंपनी की बीओडी में भी बात की जाएगी। मेयर की घोषणा के बाद इन इलाकों के लोगों में राहत की उम्मीद तो जगी है, लेकिन पेयजल व्यवस्था कंपनी के पास होने के कारण जल्द राहत मिलना आसान नहीं है।
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स्मार्ट सिटी से सत्ता में वापसी की उम्मीद
बजट में स्मार्ट सिटी की करोड़ों रुपये की योजनाओं को ही दोहराया है। शहर के लिए नगर निगम के पास इसके अलावा कोई नया प्रोजेक्ट नहीं है। भाजपा शासित नगर निगम को उम्मीद है कि शहर में स्मार्ट सिटी के काम दिखाकर दोबारा सत्ता में वापसी हो सकेगी। वहीं कांग्रेस का मानना है कि स्मार्ट सिटी के पैसों की बंदरबांट की गई। ऐसे में जनता चुनाव में इसका जवाब देगी।
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