बिजली बोर्ड की ओर से स्वीकृत किए गए कुल लोड का 30 फीसदी क्षमता वाला सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा। इसके लिए बिजली बोर्ड से एनओसी मिलेगी। 70 फीसदी सब्सिडी कंपनी के खाते में चली जाएगी। 10 फीसदी सब्सिडी उपभोक्ता को मिलेगी।
एक किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए लोगों को 14300 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। संयंत्र को लगाने का कुल खर्च करीब 61 हजार रुपये पड़ता है। इसमें 80 फीसदी सब्सिडी मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। एक किलोवाट से लेकर 10 किलोवाट तक का प्लांट लगाया जा सकता है।
एक किलोवाट का प्लांट प्रतिदिन 5 यूनिट बिजली पैदा करता है। घर पर सौर ऊर्जा का उत्पादन कर अपना बिजली बचाने और पैसा कमाने के लिए छत पर कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी चाहिए।
गर्ग ने बताया कि राजधानी में स्थित 62 सरकारी भवनों में एक साल के भीतर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार से इसके लिए सब्सिडी प्राप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 180 सौर मित्रों को भी प्रशिक्षित करने जा रही है। केंद्र सरकार की इस योजना में आईटीआई कर चुके बेरोजगारों को सौर ऊर्जा संयंत्रों की मरम्मत के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।