भारतीय निर्वाचन आयोग के सचिव अजय कुमार वर्मा ने सभी दलों के अध्यक्षों और महासचिवों को पत्र भेजकर राय मांगी है। सूत्रों के अनुसार जिस तरह से आयोग ने 30 अगस्त तक सभी राजनीतिक दलों को अपनी राय भेजने को कहा है, उससे लग रहा है कि उपचुनावोें के बारे में कोई भी निर्णय अब सितंबर में होगा।
हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव को किस तरह के दिशा-निर्देशों के साथ करवाया जाए, इस संबंध में भारतीय निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों से 30 अगस्त तक राय मांगी है। प्रदेश भाजपा चुनाव करवाने पर सहमति दे चुकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खुद यह जानकारी साझा की है। हालांकि इस संबंध में कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। न ही माकपा, आम आदमी पार्टी या अन्य राजनीतिक दलों के विचार सामने आए हैं।
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भारतीय निर्वाचन आयोग के सचिव अजय कुमार वर्मा ने सभी दलों के अध्यक्षों और महासचिवों को पत्र भेजकर राय मांगी है। सूत्रों के अनुसार जिस तरह से आयोग ने 30 अगस्त तक सभी राजनीतिक दलों को अपनी राय भेजने को कहा है, उससे लग रहा है कि उपचुनावों के बारे में कोई भी निर्णय अब सितंबर में होगा। पहले 20 अगस्त के आसपास उपचुनावों की घोषणा संभावित थी, जो संभवतया अब नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में चार सीटों पर उपचुनाव करवाए जाने हैं।
इनमें से एक लोकसभा सीट मंडी के अलावा अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीटें हैं। मंडी की सीट भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा के निधन के बाद खाली हुई है। अर्की की सीट पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस विधायक रहे वीरभद्र सिंह, फतेहपुर की भी वीरभद्र सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस विधायक सुजान सिंह पठानिया और जुब्बल-कोटखाई की सीट धूमल सरकार में मंत्री रहे भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा के देहांत के बाद रिक्त हुई है।