जिला परिषद पुनर्सीमांकन पर राज्य चुनाव आयोग की पाबंदी नहीं है। जिलों की परिधि के भीतर जिला परिषद वार्डों का पुनर्सीमांकन हो सकता है, जिलों से बाहर नहीं। यह स्थिति मंडलायुक्त शिमला की ओर से की गई एक टिप्पणी में स्पष्ट हुई है।
बीते नौ अक्तूबर के बाद केवल ग्राम पंचायतों के पुनर्सीमांकन पर ही रोक है, जिला परिषद वार्डों के पुनर्सीमांकन पर नहीं। इसी वजह से इन दिनों रोहडू के बहुचर्चित टिक्कर वार्ड का पुनर्सीमांकन चल रहा है। इस वार्ड की पुनर्सीमांकन प्रक्रिया को दो दिसंबर तक पूरा किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग की तैयारियों के दो दिसंबर के बाद पूरा होने के कारण ही निर्वाचन आयोग भी चुनाव की अधिसूचना जारी कर पाएगा। अधिसूचना के 26 दिनों के बाद ही मतदान की तिथि रखी जा सकती है। ऐसे में चुनाव जनवरी तक सरक सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस सचिव रितेश कपरेट और एक स्वयंसेवी संस्था से संबंधित सुशांत देष्टा की अपील पर मंडलायुक्त आरएन बत्ता ने ये आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक इस दलील पर विचार नहीं किया जा सकता है कि उपायुक्त शिमला ने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी 9 अक्तूबर 2015 की अधिसूचना को नहीं माना है।
चुनाव आयोग ने तीन नवंबर 2015 के पत्र में स्पष्ट किया है कि पंचायत के दायरे में वार्डों के पुनर्सीमांकन पर यह अधिसूचना लागू नहीं है। यह मालूम रहे कि पंचायत से अभिप्राय तीनों इकाइयों ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद से है।