हालांकि 25 फरवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के धर्मशाला में योजना के शुभारंभ के समय तक सर्वर में डाटा सिर्फ 1.41 लाख किसानों का ही दर्ज हो सका। योजना की लॉन्चिंग के दो दिन के भीतर इन किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये भी आ गए। चूंकि राजस्व विभाग ने चयनित 8.42 हजार किसानों के आवेदन लेने और दर्ज करने के लिए 31 मार्च तक का समय तय किया था, ऐसे में आवेदन लेने और दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रही।
इस बीच आम चुनावों की घोषणा हो गई और चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। संहिता लगने के बाद अब आयोग ने प्रदेश सरकार को नए नाम न जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ने कहा कि आचार संहिता लगने से पहले योजना में दर्ज लाभार्थियों को तो अगली किस्त दी जा सकेगी, लेकिन इस मियाद के बाद नया नाम नहीं जुडे़गा।