सिरमौर गिरीपार को ट्राइबल का दर्जा दिलाना और विदेश से आने वाले सेब पर आयात शुल्क बढ़ाना इनकी प्राथमिकता रहेगा। कश्यप ने माना कि प्रदेश में सेब उत्पादकों की जो समस्याएं हैं, उनका बेहतर ढंग से हल होना चाहिए। इसके लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
इसके अलावा कश्यप ने कहा कि अफीम की खेती को वैध दर्जा दिलाने के लिए भी वे काम करेंगे। उम्मीद है कि ये सभी मांगें पूरी कर वे जनता में अपने भरोसे को और बढ़ाएंगे। जीत के लिए कश्यप ने भी मोदी लहर को श्रेय दिया है। इस बड़ी जीत के लिए उन्होंने यूपीए का बीते दस सालों के कुशासन को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदेश को रेल नेटवर्क से जोड़ना चाहते हैं अनुराग
हमीरपुर में जीत की हैट्रिक लगाने वाले अनुराग ठाकुर प्रदेश को रेल नेटवर्क से जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पीजीआई स्तर का अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।
साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न योजनाओं को स्वीकृत करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह कह रहे थे कि प्रदेश में मोदी की कोई लहर नहीं है, केवल वीरभद्र की लहर है। जनता के निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि चुनाव में किसकी लहर थी। जनता ने भाजपा का समर्थन किया है। कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है।
हिमाचल में उद्योग स्थापित करना चाहते हैं शांता
कांगड़ा सीट से बड़ी जीत हासिल करने वाले शांता कुमार की नजर केंद्र में बड़ा पद मिलने पर भी है। लेकिन हिमाचल के लिए उन्होंने अलग से भी प्लान तैयार किया है। उनका पहला काम चंबा में सीमेंट उद्योग और हिमाचल में आलू उद्योग लगाना होगा।
वहीं पठानकोट से लेह तक रेलवे लाइन का विस्तार करना रहेगा। शांता दो दिन बाद दिल्ली भी जाने वाले हैं। उनका कहना है कि पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी देंगे, वे इसका सम्मान करेंगे। शांता मोदी के गुरु भी माने जाते हैं। ऐसे में तय माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।
हिमाचल में पर्यटन विकास चाहते हैं रामस्वरूप
मंडी संसदीय सीट से जीत हासिल करने वाले रामस्वरूप शर्मा का कहना है कि जनता रजवाड़ाशाही से दुखी थी और इसीलिए सीएम की पत्नी को भी समर्थन नही दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए उन्होंने अपनी पांच प्राथमिकताएं बनाई हैं। इनमें रेल का विस्तारीकरण, मंडी संसदीय क्षेत्र को पर्यटन के मानचित्र पर उभारना और बिजली के प्रोजेक्टों से हिमाचल का हिस्सा लेना, जिसे वीरभद्र और प्रतिभा सिंह नहीं ले पाए।
उन्होंने बताया कि वे नरेंद्र भाई मोदी के साथ वर्षों तक संगठन में काम कर चुके हैं। उनका प्रयास रहेगा कि वे हिमाचल के लिए ज्यादा से ज्यादा योजनाएं लाएं।