आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे से चिंगारी उड़ी होगी और आग भड़क गई।
मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेने गए भांजे की रसोई घर में जिंदा जल जाने से मौत हो गई। ननखड़ी के खडाहण गांव में घटना के बाद अनुष्ठान की खुशियां मातम में बदल गईं। चेत राम (खमोटी) रात को रसोई घर में चूल्हे के नजदीक सो गया। आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे से चिंगारी उड़ी होगी और आग भड़क गई।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद इसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को 64 वर्षीय चेत राम (खमोटी) अपने मामा मान सिंह के यहां धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेने गया था।
रात को चेतराम अकेला ही रसोई में सोया था। मामा के परिवार के अन्य सदस्य रसोई से कुछ दूर बने मकान में सोए हुए थे। रात को आग लगने का किसी को पता नहीं चला। सुबह जब रसोई घर पहुंचे को मंजर देखकर होश उड़ गए। रसोई घर पूरी तरह से जल गया था और चेतराम भी बुरी तरह से आग में झुलस चुका था।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आग कब और कैसे लगी, अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। डीएसपी सोमदत्त ने पुष्टि करते हुए बताया कि चेतराम की रसोई में जल जाने से मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की बारीकी से छानबीन कर रही है।