हिमाचल की राजनीति में चर्चा का विषय बने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली जाना किसी विशेष राजनीतिक उद्देश्य से नहीं था, बल्कि वह व्यक्तिगत कार्यक्रम के सिलसिले में वहां गए थे। इस दौरान संयोगवश कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई और सामान्य राजनीतिक चर्चा भी हुई। इसे किसी एक राजनीतिक मुद्दे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में नेताओं से मुलाकात के बाद वह कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए हिमाचल लौट आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके दौरे को लेकर जिस तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है।
शिमला में कांग्रेस के प्रदर्शन पर चिंता
शिक्षा मंत्री ने शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन पर खुलकर चिंता जताई। उन्होंने माना कि चुनाव परिणाम पार्टी की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं और इनकी गंभीर समीक्षा की जरूरत है। रोहित ठाकुर ने कहा कि शिमला लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां पार्टी को नुकसान होना सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह संगठन और नेतृत्व दोनों के लिए गंभीर संकेत है।
उन्होंने कहा कि केवल शिमला ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी पंचायत चुनावों के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहे हैं। इससे पार्टी को राजनीतिक क्षति हुई है। इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ भी चर्चा की जाएगी और यह समझने का प्रयास होगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए।