दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में डाक्टरों की दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक से मरीज बेहाल रहे। सुबह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक ओपीडी में डाक्टर नहीं बैठे। इस दौरान ऑपरेशन थियेटर भी नहीं चले। केवल आपातकालीन सेवाएं बदस्तूर जारी रहीं। ड्यूटी पर मौजूद डाक्टरों ने काले बिल्ले पहने थे। यह पेन डाउन स्ट्राइक स्टेट मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन की कॉल पर थी।
एसोसिएशन की मांगों को लेकर सरकार के गंभीर न होने की वजह से डॉक्टर पेन डाउन स्ट्राइक पर आ गए हैं। एसोसिएशन ने साफ किया है कि अगर अब भी सरकार की नींद नहीं टूटी तो 24 अगस्त को प्रदेश भर के सभी डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। सोमवार होने की वजह से अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ थी। सैकड़ों मरीज ओपीडी के बाहर डाक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान उन्हें बताया गया कि डाक्टर हड़ताल पर हैं और साढ़े ग्यारह बजे ओपीडी में बैठेंगे। दो घंटे के इंतजार के बाद डाक्टर ओपीडी में आए इसके बाद बिना लंच ब्रेक के मरीजों का स्वास्थ्य देर शाम तक जांचा लेकिन ओपीडी में लेट बैठने की वजह से मरीजों के टेस्ट नहीं हो पाए। मरीजों का खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो घंटे की यह पेन डाउन स्ट्राइक रोजाना शनिवार तक चलेगी।
इसके बाद सोमवार को सभी डाक्टर सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। डाक्टरों का कहना है कि डाक्टरों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। डाक्टरों के साथ मारपीट की जा रही है हाल ही में एक लेडी डाक्टर के साथ कुल्लू में भी मारपीट की गई। दूर दराज के इलाकों में डाक्टरों का काम करना मुश्किल हो गया। वहीं जिला शिमला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रणवीर राणा ने कहा कि डाक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक की वजह से ओपीडी दो घंटे देर से शुरू हुई। आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं हुई।
ये हैं मुख्य मांगें
•अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों को सुरक्षा दें।
•मरीज की पर्ची पर दवा को कैपिटल में लिखने का फैसला वापस लिया जाए।
•डाक्टरों के अवकाश की मंजूरी पहले की तरह बीएमओ करें, अर्न लीव के लिए सेक्रेटरी हेल्थ के पास जाने का कोई औचित्य नहीं
•ओएसडी और दूसरे पदों पर नियुक्ति से पहले वरिष्ठता के आधार पर ही प्रमोशन दिया जाए।