आईजीएमसी की सुविधाओं की पोल फिर खुली है। सोमवार को ईएनटी ओपीडी को राम भरोसे छोड़ जूनियर डॉक्टर क्लास लगाने चले गए। मरीज चिकित्सकों का इंतजार करते रहे लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दिन भर परेशान होना पड़ रहा है। हफ्ते का पहला दिन होने के कारण अस्पताल की ओपीडी में भारी भीड़ थी।
सैकड़ों लोग इलाज के लिए कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक डॉक्टर ओपीडी से गायब हो गए और इस दौरान ओपीडी में सन्नाटा छाया रहा। मरीज बाहर बैचों पर बैठने के लिए चले गए लेकिन इस दौरान उन्हें यहां पर बैठने को जगह नही मिल पाई। उधर कुछ लोगों ने बताया कि बड़े डॉक्टर ने उन्हें बुलाया है।
लेकिन ओपीडी के बाहर बैठे बुजुर्ग लोगों की हालात को समझने वाला कोई नही था। ठियोग से आई नीता ने कहा कि उनके पिता को नाक की समस्या है लेकिन ओपीडी में डॉक्टर नहीं है। श्याम ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदार को दिखाने के लिए यहां आए हैं, डॉक्टर न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ओपीडी में बैठे रहे मरीज
ईएनटी ओपीडी में डॉक्टरों के इंतजार के लिए करीब एक घंटे तक मरीज बाहर बैठे रहे। कई लोग डॉक्टर न होने के कारण बिना इलाज करवाए वापस चले गए। ईएनटी ओपीडी में उपचार के लिए आए मरीज एक दूसरे से पूछते रहे कि यहां पर डॉक्टर बैठे हैं कि नही। इसी बीच एक मरीज को कहते हुए सुना गया कि डॉक्टर तो दूर यहां सिक्योरिटी गार्ड भी नही हैं।
और मरीजों पर चिल्लाए डॉक्टर
डॉक्टरों की क्लास खत्म होने के बाद मरीजों के चेहरों पर थोड़ी खुशी आई। एक मरीज अपनी पर्ची ओपीडी में दे रहा था। इसी दौरान डॉक्टर को अंदर जाने के लिए रास्ता नही मिला तो वह बुरी तरह चिल्ला उठी। ओपीडी में डॉक्टर न होने के कारण ऊंची पहुंच रखने वाले कुछ लोग अपने परिचितों को फोन घुमाने लगे। जिससे कि उनका नंबर जल्दी आ जाए।
लंच टाइम हो गया है
ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे लोगों ने यह अफवाह फैला रखी थी कि अब डाक्टर ओपीडी में नही आएंगे, लंच टाइम हो गया है। लेकिन अगले ही पल क्लास खत्म होने के बाद डाक्टरों ने ओपीडी में मोर्चा संभाल लिया।