मुख्यमंत्री से बार-बार मांगों के पूरा करने का आश्वासन मिलने और अफसरशाही की ओर से मांगों की फाइल को दबा देने से नाराज प्रदेश के डाक्टर दोबारा से हड़ताल पर जा सकते हैं। सोमवार को प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन की धर्मशाला में अहम बैठक होने जा रही है।
इसमें डाक्टरों की सुरक्षा के मुद्दे पर हो रही ढील पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। वहीं टाइम स्केल देने में लगाई गई विभागीय परीक्षा की शर्त पर भी चर्चा की जाएगी। मेडिकल आफिसर एसोसिएशन के महासचिव डा. जीवानंद चौहान ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री से कोई गिला शिकवा नहीं है।
मुख्यमंत्री ने हर मांग को माना है। नाराजगी अफसरशाही से है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने मुख्यमंत्री के आदेशों को अभी तक पूरा नहीं किया है। डाक्टरों की अस्पताल सेफ्टी एक्ट में संशोधन करने की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।
एसोसिएशन ने अस्पताल में डाक्टरों से मारपीट करने वालों के खिलाफ गैर जमानती धाराएं लगाने की मांग की थी लेकिन अभी तक उसे पूरा नहीं किया गया। 4-9-14 के टाइम स्केल में स्वास्थ्य महकमे ने विभागीय परीक्षा की तर्कहीन शर्त लगा दी है। महासचिव डा. जीवानंद चौहान ने कहा कि टाइम स्केल सिर्फ वित्तीय लाभ है, पदोन्नति नहीं। ऐसे में 9 और 14 साल बाद विभागीय परीक्षा की शर्त लगाना गलत है।
सरकार को इस शर्त को हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोमवार को धर्मशाला में प्रदेश भर से डाक्टर जुटेंगे। इस बैठक में ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। डाक्टरों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। अफसरशाही की कार्यप्रणाली को लेकर डाक्टरों में बहुत रोष है।