प्रसव के बाद इलाज न मिलने से एक महिला की मौत हो गई। बार बार बुलाने पर भी डॉक्टर नहीं आया जिससे महिला ने दम तोड़ दिया। यह दर्दनाक मामला हिमाचल के धर्मशाला में सामने आया है।
यहां जोनल अस्पताल धर्मशाला में प्रसव के बाद इलाज न मिलने से एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स को बुलाया लेकिन कोई नहीं आया।
दूसरे डॉक्टर के आने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। पद्धर, चामुंडा निवासी महिला को बुधवार दोपहर 12 बजे डिलिवरी के लिए भर्ती किया गया। रात 11 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया गया। इसके बाद डॉक्टर चला गया।
थोड़ी ही देर बाद महिला की हालत बिगड़ी, नहीं आया डॉक्टर
थोड़ी ही देर बाद महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई। तीमारदारों ने नर्स को इस बारे में बताया। उन्होंने डॉक्टर से बात करने की सलाह दी। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को भी जानकारी दी। उन्होंने मामला स्त्री रोग विशेषज्ञ का होने का हवाला दिया।
लेकिन डॉक्टर महिला को चेक करने नहीं आया। अस्पताल प्रशासन की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाया गया। दो बजे महिला ने डॉक्टर के आने से पहले ही दम तोड़ दिया। महिला की मौत होने पर तीमारदार आक्रोशित थे।
समय पर मिलता ईलाज तो बच जाती जान
उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि महिला को समय पर उपचार मिल जाता तो जान बच सकती थी। तीमारदार अनिल, विनोद कुमार, कुलदीप कुमार, पंकज कुमार ने बताया कि अगर मामले की जांच और कार्रवाई न हुई तो वे धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे। मामले को लेकर पुलिस और सीएमओ आरएस राणा से शिकायत की गई है।
एक साल में छह महिलाएं तोड़ चुकी हैं दम
अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर पहले भी लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। बीते एक वर्ष में करीब छह महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के बाद मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में अब महिलाएं सुरक्षित प्रसव करवाने को लेकर चिंतित हैं।
निष्पक्ष जांच होगी : राणा
सीएमओ कांगड़ा आरएस राणा ने बताया कि तीमारदारों की ओर से उन्हें शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।