सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के विभिन्न संघों से प्राप्त विभिन्न अनुरोधों के मद्देनजर आपदा राहत कोष की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास प्रदान करना है।
हिमाचल प्रदेश हाल ही में लगातार भारी बारिश के कारण विनाशकारी प्राकृतिक आपदा से गुजरा है, जिससे प्रभावितों को सहायता की सख्त जरूरत है। सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के विभिन्न संघों से प्राप्त विभिन्न अनुरोधों के मद्देनजर आपदा राहत कोष की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास प्रदान करना है।
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अब सामान्य प्रशासन विभाग ने हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन विभिन्न विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व स्वायत्त निकायों में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद नियमित, अनुबंध कर्मचारियों सहित पेंशनरों का एक दिन का वेतन/पेंशन काटने के निर्देश जारी किए हैं। इस राशि को निम्नानुसार में आपदा राहत कोष में जमा किया जाएगा।
सरकार के अनुसार आपदा से राज्य के लोगों के जीवन और संपत्ति को व्यापक क्षति हुई है। जरूरत की इस घड़ी में राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार, समाज और सभी नागरिकों की ओर से ठोस और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने सभी से राष्ट्र और मानवता की सेवा के मकसद से इस फंड में उदारतापूर्वक योगदान, दान करने की अपील की है।