निजी स्कूलों में पांच से दस फीसदी तक सालाना फीस में बढ़ोतरी की गई है। बीते कुछ दिनों से अभिभावकों को इस बाबत एसएमएस आना शुरू हुए हैं। भारी भरकम फीस के मैसेज देखकर अभिभावकों की नींद उड़ गई है। निदेशालय पहुंची शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशक ने फीस से संबंधित रिकॉर्ड जांचने का फैसला लिया है।
अभिभावकों के साथ जनरल हाउस किए बिना फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों का रिकॉर्ड तलब कर लिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राजधानी शिमला सहित कई जिलों में इस बाबत कार्रवाई शुरू कर दी है। निजी स्कूलों में पांच से दस फीसदी तक सालाना फीस में बढ़ोतरी की गई है। बीते कुछ दिनों से अभिभावकों को इस बाबत एसएमएस आना शुरू हुए हैं। भारी भरकम फीस के मैसेज देखकर अभिभावकों की नींद उड़ गई है। निदेशालय पहुंची शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशक ने फीस से संबंधित रिकॉर्ड जांचने का फैसला लिया है।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि राजधानी शिमला के कई कॉन्वेंट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी की अभिभावकों ने शिकायतें दी हैं। आरोप है कि निजी स्कूलों ने जनरल हाउस किए बिना ही फीस स्ट्रक्चर तय कर दिया है। अभिभावकों से इस बाबत चर्चा तक नहीं की गई है। कई स्कूलों ने फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी कर दी है। पंजाब की तर्ज पर अभिभावकों ने निजी स्कूलों की फीस पर लगाम लगाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सभी निजी स्कूलों से फीस स्ट्रक्चर मांगा है। जनरल हाउस किए बिना फीस तय नहीं हो सकती है। नियमों के खिलाफ जाकर फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।